Rajasthan GK Quiz, Rajasthan GK Questions and answer

Rajasthan GK Quiz, Rajasthan GK Questions and answer

Q.1: इनमे से कौनसा राज्य वह है जो सौर उर्जा परियोजनाओं से जुड़ी ग्रिड शुरू करने वाले राज्यों की सूची में पहले स्थान पर आता है ?
(a) असम
(b) राजस्थान
(c) महाराष्ट्र
(d) जम्मू कश्मीर

Q.2: हाल ही में जारी की गयी राजस्थान की खनिज निति के अनुसार -2015 में अवैध खनन पर सजा 2 वर्ष से बढ़ाकर कितनी की गयी है ?
(a) 3 वर्ष तथा जुर्माना 20 हजार रुपए
(b) 5 वर्ष तथा जुर्माना 25 हजार रुपए
(c) 8 वर्ष तथा जुर्माना 50 हजार रुपए
(d) 4 वर्ष तथा जुर्माना 15 हजार रुपए


Q.3: राजस्थान का राज्य गीत कौन-सा हैं ?
(a) घूमर
(b) केसरिया बालम
(c)प्रियतम प्रदेश गया
(d) उपरोक्त सभी

Q.4: राजस्थान का राज्य नृत्य कौन-सा हैं ?
(a) गरबा
(b) गीदड़
(c) घूमर
(d) इनमें से कोई भी नहीं

Q.5: ज़हरू खां मेवाती किस लोकवाध के पर्याय माने जाते थे ?
(a) भुपंग
(b) खड़ताल
(c) कमायचा
(d) सारंगी

Q.6: जैसलमेर में हमीरा गाँव के निवासी पेपे खां किस लोक वाध के लिए प्रशिद थे ?
(a) भुपंग
(b) सुरनाई
(c) मोरचंग
(d) खड़ताल

Q.7: नौटंकी तथा रामलीला राजस्थान के किस भाग में अधिक लोकप्रिय है ?
(a) दक्षिणी
(b) पश्चिमी
(c) उत्तरी
(d) पूर्वी

Q.8: मेवाड़ के अरावली क्षेत्र में भील जाती का लोकनृत्य इनमे से कौनसा है ?
(a) गन्धर्व
(b) रम्मत
(c) भवाई
(d) गवरी

Q.9: इनमे से रम्मत क्या है ?
(a) संगीतकला शेली
(b) नृत्य कला
(c) चित्रकला शेली
(d) नशे का प्रभाव

Q.10: राजस्थान में लोकनाट्य की सबसे लोकप्रिय विद्या कौनसी है ?
(a) ख्याल
(b) नौटंकी
(c) रामलीला
(d) रम्मत

भारत की जनजातियां तथा राज्य

भारत की जनजातियां तथा राज्य
जनजाति का नाम आवासीय राज्य भील त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक गोंड बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक संथाल बिहार, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड मीना राजस्थान, मध्य प्रदेश नाइकडा कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात, दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली, महाराष्ट्र, गोवा ओराओं बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सुगाली आंध्र प्रदेश मुंडा बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, उड़ीसा नागा नागालैंड खोंड बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा बोड़ो असम कोली महादेव महाराष्ट्र खासी मिजोरम, मेघालय, असम कोल उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र वर्ली गुजरात, दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा कोकना दादरा एवं नगर हवेली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक कवर उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र गुज्जर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश भुमीज पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा गारो नागालैंड, मिजोरम, मेघालय, असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा कोया उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक

वनस्पति व कवक में अंतर

वनस्पति:

जमीन पर प्राकृतिक रूप से किसी जगह पर पैदा हुए पेड़ व पौधे तथा वे पेड़-पौधे जिनकी पैदावार के लिए मानव प्रयत्न की आवश्यकता पड़ती है, इन सबको ही वनस्पति कहा जाता है।

साधारण शब्दों में, सभी पेड़, पौधे, खेतों में उगने वाले या उगाये जाने वाले फूल, पादप आदि वनस्पति में सम्मिलित है। जहाँ ये सब पाये जाते हैं; ऐसे क्षेत्र विशेष को वनस्पतिलोक या वनस्पतिजगत भी कहा जाता है।

वनस्पति को कुछ
हिस्सों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जैसे- 

प्राकृतिक
वनस्पति- इसमें वे सभी वनस्पतियाँ सम्मिलित की जाती है, जो किसी स्थान पर अपने आप उग आती है। इसमें
मनुष्य द्वारा कोई प्रयास नही किये जाते, न बीज डाला जाता है,
न देखरेख की
जाती है। इसके बावजूद भी प्रकृति की गोद में ये स्वतः पैदा होती है। इसी कारण इसे
प्राकृतिक वनस्पति कहा जाता है। घास वनस्पति इसका उदाहरण है। घास वनस्पतियाँ
प्रचुरता में पायी जाती हैं।

मानव जनित
वनस्पति- इसमें वे सभी पैदावार शामिल की जाती है, जिनको उगाने के लिए मनुष्य द्वारा मेहनत की जाती है, प्रयास किये जाते हैं (जैसे-बीज बोना, पानी देना, हल चलाना,
कटाई करना आदि)
तथा देखरेख की जाती है। इसे मानव जनित वनस्पति कहते हैं। जैसे- कृषि व उद्यान
वनस्पति। 

स्थानीय
वनस्पति- इसे देशी वनस्पति भी कहा जा सकता है। यह केवल स्थान विशेष पर उगने वाली
वनस्पति होती है। यह प्राकृतिक भी हो सकती है और मानव-जनित भी, क्योंकि किसी स्थान विशेष या किसी देश की
जलवायु व मिट्टी मे पाये जाने वाले गुणों के कारण ही पैदा होती है।

प्रत्येक जगह
(देश व राज्य) में पायी जाने वाली प्राकृतिक भिन्नता व मृदा की उर्वरकता के गुणों
की भिन्नता के कारण वनस्पति में भी भिन्नता पायी जाती है।

कवक

कवक को फंफूद भी
कहा जाता है। इनमें हरितलवक का अभाव पाया जाता है। इनमें ऊत्तक भी नही पाये जाते
हैं। इनमें जनन क्रिया बीजाणुओं के माध्यम से सम्पन्न होती है। ये मृत जीवों व
अवशिष्ट कार्बनिक पदार्थों व कचरे आदि को विनष्ट करने में अत्यधिक सहयोगी होते हैं, क्योंकि ये अपमार्जन का कार्य करते हैं।

इनमे सामान्य
पादपों की भाँति तना,
पत्तियाँ व जड़
आदि नही पायी जाती तथा पर्णहरित न होने के कारण इनमे अपना भोजन स्वयं निर्मित करने
की क्षमता नही पायी जाती। ये भिन्न-भिन्न स्त्रोतों से अपने भोजन की पूर्ति करते
हैं,
जिस कारण इन्हें
विविधपोषी भी कहा जाता है।

कवक तीन प्रकार
के होते हैं- 

सहजीवी- ये कवक
अपने पास की वनस्पति के साथ-साथ पैदा होकर बड़े
होते हैं व उन्हीं से अपने भोजन की पूर्ति करते हैं तथा इनका जीवन उसी पर निर्भर
करता है। 

परजीवी- ऐसे कवक
दूसरे जीव-जन्तुओं व पादपों से अपने भोजन की पूर्ति करते है तथा इनका जीवन दूसरे
जीव-जन्तुओं व पादपों की जीवित अवस्था पर निर्भर करता है।

मृतोपजीवी- ऐसे
कवक मरे हुए जीव-जन्तुओं एवम् मृत पौधों व सड़े हुए पदार्थों से अपने भोजन की
पूर्ति करते हैं|

नार्को टेस्ट क्या होता है और इसे कैसे किया जाता है?

पुलिस विभाग में एक कहावत है कि “पुलिस की मार के आगे गूंगा भी बोलने लगता है”, लेकिन यह कहावत कभी-कभी ठीक सिद्ध नहीं होती है. ऐसी परिस्थिति में पुलिस अन्य तरीकों का सहारा लेती है. इसी एक तरीके में शामिल है नार्को टेस्ट. आइये इस लेख में जानते हैं कि नार्को टेस्ट क्या होता है और कैसे किया जाता है.

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नार्को टेस्ट क्या होता है?

इस टेस्ट को अपराधी या आरोपी व्यक्ति से सच उगलवाने के लिए किया जाता है. इस टेस्ट को फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की मौजूदगी में किया जाता है.

इस टेस्ट के अंतर्गत अपराधी को कुछ दवाइयां दी जाती है जिससे उसका सचेत दिमाग सुस्त अवस्था में चला जाता है और अर्थात व्यक्ति को लॉजिकल स्किल थोड़ी कम पड़ जाती है. कुछ अवस्थाओं में व्यक्ति अपराधी या आरोपी बेहोशी की अवस्था में भी पहुँच जाता है. जिसके कारण सच का पता नहीं चल पाता है.

यहाँ पर यह बताना जरूरी है कि ऐसा नहीं है कि नार्को टेस्ट में अपराधी/आरोपी हर बार सच बता देता है और केस सुलझ जाता है. कई बार अपराधी/आरोपी ज्यादा चालाक होता है और टेस्ट में भी जांच करने वाली टीम को चकमा दे देता है.

नार्को टेस्ट करने से पहले व्यक्ति का परीक्षण;

किसी भी अपराधी/आरोपी का नार्को टेस्ट करने से पहले उसका शारीरिक परीक्षण किया जाता है जिसमें यह चेक किया जाता है कि क्या व्यक्ति की हालात इस टेस्ट के लायक है या नहीं. यदि व्यक्ति; बीमार, अधिक उम्र या शारीरिक और दिमागी रूप से कमजोर होता है तो इस टेस्ट का परीक्षण नहीं किया जाता है.

व्यक्ति की सेहत, उम्र और जेंडर के आधार पर उसको नार्को टेस्ट की दवाइयां दी जाती है. कई बार दवाई के अधिक डोज के कारण यह टेस्ट फ़ैल भी हो जाता है इसलिए इस टेस्ट को करने से पहले कई जरुरी सावधानियां बरतनी पड़तीं हैं.

कई केस में इस टेस्ट के दौरान दवाई के अधिक डोज के कारण व्यक्ति कोमा में जा सकता है या फिर उसकी मौत भी हो सकती है इस वजह से इस टेस्ट को काफी सोच विचार करने के बाद किया जाता है.

नार्को टेस्ट कैसे किया जाता है?

इस टेस्ट में अपराधी या किसी व्यक्ति को “ट्रुथ ड्रग” नाम की एक साइकोएक्टिव दवा दी जाती है या फिर “ सोडियम पेंटोथल या सोडियम अमाइटल” का इंजेक्शन लगाया जाता है.

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इस दवा का असर होते ही व्यक्ति ऐसी अवस्था में पहुँच जाता है. जहां व्यक्ति पूरी तरह से बेहोश भी नहीं होता और पूरी तरह से होश में भी नहीं रहता है. अर्थात व्यक्ति की तार्किक सामर्थ्य कमजोर कर दी जाती है जिसमें व्यक्ति बहुत ज्यादा और तेजी से नहीं बोल पाता है. इन दवाइयों के असर से कुछ समय के लिए व्यक्ति के सोचने समझने की छमता खत्म हो जाती है.

इस स्थिति में उस व्यक्ति से किसी केस से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं. चूंकि इस टेस्ट को करने के लिये व्यक्ति के दिमाग की तार्किक रूप से या घुमा फिराकर सोचने की क्षमता ख़त्म हो जाती है इसलिए इस बात की संभावना बढ़ जाती कि इस अवस्था में व्यक्ति जो भी बोलेगा सच ही बोलेगा.

नार्को टेस्ट के लिए कानून:

वर्ष 2010 में K.G. बालाकृष्णन वाली 3 जजों की खंडपीठ ने कहा था कि जिस व्यक्ति का नार्को टेस्ट या पॉलीग्राफ टेस्ट लिया जाना है उसकी सहमती भी आवश्यक है. हालाँकि सीबीआई और अन्य एजेंसियों को किसी का नार्को टेस्ट लेने के लिए कोर्ट की अनुमति लेना भी जरूरी होता है.

ज्ञातव्य है कि झूठ बोलने के लिए ज्यादा दिमाग का इस्तेमाल होता है जबकि सच बोलने के लिए कम दिमाग का इस्तेमाल होता है क्योंकि जो सच होता है वह आसानी से बिना ज्यादा दिमाग पर जोर दिए बाहर आता है लेकिन झूठ बोलने के लिए दिमाग को इस्तेमाल करते हुए घुमा फिरा के बात बनानी पड़ती है.

इस टेस्ट में व्यक्ति से सच ही नहीं उगलवाया जाता बल्कि उसके शरीर की प्रतिक्रिया भी देखी जाती है. कई केस में सिर्फ यहीं पता करना होता है कि व्यक्ति उस घटना से कोई सम्बन्ध है या नहीं. ऐसे केस में व्यक्ति को कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लिटाया जाता है और उसे कंप्यूटर स्क्रीन पर विजुअल्स दिखाए जाते हैं.

पहले तो नार्मल विजुअल्स जैसे पेड़, पौधे, फूल और फल इत्यादि दिखाए जाते हैं. इसके बाद उसे उस केस से जुड़ी तस्वीर दिखाई जाती है फिर व्यक्ति की बॉडी को रिएक्शन चेक किया जाता है. ऐसी अवस्था में अगर दिमाग और शरीर कुछ अलग प्रतिक्रिया देता है तो इससे पता चल जाता है कि व्यक्ति उस घटना या केस से जुड़ा हुआ हैं.

narco test

Image source:naiduniya

यहाँ पर यह बताना जरूरी है कि नार्को टेस्ट की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं? आपने देखा होगा कि “तलवार” मूवी में भी आरोपियों का नार्को टेस्ट किया जाता है और जब उस टेस्ट का क्रॉस एग्जामिनेशन होता है तो पाया जाता है कि टेस्ट में जिस तरह के प्रश्न पूछे गए थे वे ‘पहले से तय रिजल्ट’ के अनुसार ही पूछे गये थे.

इस प्रकार नार्को टेस्ट के बारे में यह कहा जा सकता है कि यह टेस्ट कई मुश्किल मामलों में पुलिस और सीबीआईको सुराख़ अवश्य देता है लेकिन यह कहना कि 100% सच सामने आ जाता है तो यह इस टेस्ट के बारे में अतिश्योक्ति होगी.

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भारत की नदियाँ पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी सेट II

भारत की नदियों का देश है और यहाँ की नदियों का आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में प्राचीनकाल से ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहाँ चार नदी प्रणालियाँ है (अपवाह तंत्र) हैं। उत्तरी भारत में सिंधु, मध्य भारत में गंगा, उत्तर-पूर्व भारत में ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली है। प्रायद्वीपीय भारत में नर्मदा कावेरी महानदी आदी नदियाँ विस्तृत नदी प्रणाली का निर्माण करती हैं।

1. निम्नलिखित में से किस गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी को कालिंदजा अथवा कालिंदी कहा जाता है?

A. यमुना

B. गोमती

C. सोन

D. दामोदर

Ans: A

Explanation: यमुना भारत की एक नदी है। यह गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो यमुनोत्री नामक जगह से निकलती है और प्रयाग (इलाहाबाद) में गंगा से मिल जाती है। यह गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। यमुना का उद्गम स्थान हिमालय के उत्तर-पश्चिम में स्थित कालिंद पर्वत है, जिसके नाम पर यमुना को कालिंदजा अथवा कालिंदी कहा जाता है। इसलिए, A सही विकल्प है।

2. निम्नलिखित में किस नदी का उत्पत्ति पश्चिमी घाट में त्रयंबक पहाड़ी से हुई है तथा इसको दक्षिण गंगा भी कहा जाता है?

A. गोदावरी नदी

B. नर्मदा नदी

C. सारावती नदी

D. ताप्ती नदी

Ans: A

Explanation: गोदावरी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है। यह नदी दूसरी प्रायद्वीपीय नदियों में से सबसे बड़ी नदी है। इसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है। इसकी उत्पत्ति पश्चिमी घाट में त्रयंबक पहाड़ी से हुई है। यह महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है। इसलिए, A सही विकल्प है।

3. निम्नलिखित में से कौन सी नदी भारत की एक प्रायद्वीपीय नदी है?

A. गंगा नदी

B. सिन्धु नदी

C. महानदी

D. ब्रहमपुत्र नदी

Ans: C

Explanation: महानदी का उद्गम रायपुर के समीप धमतरी जिले में स्थित सिहावा नामक पर्वत श्रेणी से हुआ है। महानदी का प्रवाह दक्षिण से उत्तर की तरफ है। उपरोक्त नदियों में यही एक भारत की एक प्रायद्वीपीय नदी है। इसलिए, C सही विकल्प है।

4. निम्नलिखित में से कौन सी नदी गंगा नदी की वितरक नदी नहीं है?

A. हुगली नदी

B. पद्मा नदी

C. पसुर नदी

D. यमुना नदी

Ans: D

Explanation: यमुना भारत की एक नदी है। यह गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो यमुनोत्री नामक जगह से निकलती है और प्रयाग (इलाहाबाद) में गंगा से मिल जाती है। इसलिए, D सही विकल्प है।

5. निम्नलिखित में से कौन सी नदी एस्तुअरी बनाती है?

A. कावेरी नदी

B. नर्मदा नदी

C. महानदी

D. कृष्णा नदी

Ans: B

Explanation: नर्मदा, जिसे रेवा के नाम से भी जाना जाता है और भारतीय उपमहाद्वीप की लंबी नदियों में से एक है। यह नदी पश्चिम की तरफ जाकर खम्बात की खाड़ी में एस्तुअरी बनाते हुए अरब सागर में विलीन हो जाती है। इसलिए, B सही विकल्प है।

भारत की नदियाँ पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी सेट I

6. निम्नलिखित में से कौन सी भारत की एकमात्र नदी है जो विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतश्रेणियों के सीमाओं के बीच पश्चिम में चल रही एक घाटी से हो कर बहती है?

A. गोदावरी नदी

B. नर्मदा नदी

C. सरवती नदी

D. ताप्ती नदी

Ans: B

Explanation: नर्मदा नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतश्रेणियों के पूर्वी संधिस्थल पर स्थित अमरकंटक में नर्मदा कुंड से हुआ है। नदी पश्चिम की ओर सोनमुद से बहती हुई, एक चट्टान से नीचे गिरती हुई कपिलधारा नाम की एक जलप्रपात बनाती है। आगे इस क्षेत्र से अरब सागर में अपनी मिलान तक, यह  उत्तर में विंध्य पट्टियों और दक्षिण में सतपुड़ा रेंज के बीच तीन संकीर्ण घाटियों में प्रवेश करती है। इसलिए, B सही विकल्प है।

7. राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (NW1) किस नदी पर स्थित है?

A. गंगा नदी

B. महानदी

C. बराक नदी

D. नर्मदा नदी

Ans: A

Explanation: गंगा नदी से गुजरनेवाले 1680 किलोमीटर लंबे इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग को भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-१ या राष्ट्रीय जलमार्ग 1 का दर्जा दिया गया है। गंगा नदी का प्रयोग नागरिक यातायात तथा भारवहन के लिए के लिए काफी समय से किया जाता रहा है। इस जलमार्ग पर स्थित प्रमुख शहर इलाहाबाद, वाराणसी, मुगलसराय, बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, बाढ, मुंगेर, भागलपुर, फरक्का, कोलकाता तथा हल्दिया है। इसलिए, A सही विकल्प है।

8. हीराकुंड बांध किस नदी पर स्थित है?

A. मेघना नदी

B. महानदी

C. कृष्णा नदी

D. कावेरी नदी

Ans: B

Explanation: हीराकुण्ड बाँध ओडीसा में महानदी पर निर्मित एक बाँध है। यह सम्बलपुर से 15 किमी दूर है। इस बाँध के पीछे विशाल जलाशय है। इसलिए, B सही विकल्प है।

9. निम्नलिखित में से कौन सी नदी भारत की एकमात्र अन्तर्वाही नदी हैं जो पश्चिमोत्तर भारत के राजस्थान राज्य अजमेर के निकट अरावली श्रेणी की नाग पहाड़ी के पश्चिमी ढलानों में उद्गम, जहां इसे सागरमती के नाम से जाना जाता है?

A. लूनी नदी

B. घग्गर नदी

C. हकरा नदी

D. उपरोक्त सभी

Ans: A

Explanation: लूनी नदी भारत की एकमात्र अन्तर्वाही नदी हैं। यह नदी पश्चिमोत्तर भारत के राजस्थान राज्य अजमेर के निकट अरावली श्रेणी की नाग पहाड़ी के पश्चिमी ढलानों में उद्गम, जहां इसे सागरमती के नाम से जाना जाता है। इसलिए, A सही विकल्प है।

10. निम्नलिखित में से कौन सी नदी राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी है और इसका उद्गम स्थल जानापाव की पहाडी (मध्य प्रदेश)है?

A. लूनी नदी

B. घग्गर नदी

C. हकरा नदी

D. चम्बल नदी

Ans: D

Explanation: चंबल नदी मध्य भारत में यमुना नदी की सहायक नदी है। यह एक बारहमासी नदी है। इसका उद्गम स्थल जानापाव की पहाडी (मध्य प्रदेश) है। इसलिए, D सही विकल्प है।

भारत के प्रमुख अंतर्राज्‍जीय जल विवादों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

जानिये घड़ी का आविष्कार कब, किसने और किस देश में किया था?

आज की दुनिया में हम सब लोग घडी की सुइयों की नोंक पर दौड़ते हैं अर्थात सभी लोग समय के हिसाब से जागते हैं, ऑफिस जाते हैं, लंच करते और सोते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि उस समय के लोग अपनी दिनचर्या को कैसे चलाते होंगे जब घड़ी ही नहीं हुआ करती थी.

इसका उत्तर है कि जब घड़ी का अविष्कार नहीं हुआ था तो लोग सूरज की दिशा को देखकर ही समय का अनुमान लगा लेते थे. लेकिन आकाश में बदल होने की स्थिति में मामला फस जाता था इसलिए लोगों ने जल घड़ी का आविष्कार हुआ जिसका श्रेय चीन को जाता है जहाँ पर “सु संग” नामक व्यक्ति ने जल घडी बनायीं थी.

टाई का एक संक्षिप्त इतिहास

हालाँकि लगभग सवा दो हज़ार साल पहले प्राचीन यूनान यानी ग्रीस में पानी से चलने वाली अलार्म घड़ियाँ हुआ करती थीं जिममें पानी के गिरते स्तर के साथ तय समय बाद घंटी बज जाती थी.

water watch

घड़ी के आविष्कार का श्रेय जाता है पोप सिलवेस्टर द्वितीय को जाता है जिन्होंने सन् 996 ईस्वी में घड़ी का आविष्कार किया था. यूरोप में घड़ियों का प्रयोग 13वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होने लगा था. इसके अलावा सन 1288 मे इंग्लैंड के वेस्टमिस्टर के घंटाघर मे घड़ियाँ लगाई गई थीं.

big ben watch

हालाँकि इस समय बनी यह घड़ी आज की तरह की कम्पलीट घडी नहीं थी. घड़ी की मिनट वाली सुई का आविष्कार वर्ष 1577 में स्विट्ज़रलैंड के जॉस बर्गी ने किया था. उनसे पहले जर्मनी के न्यूरमबर्ग शहर में पीटर हेनलेन ने ऐसी घड़ी बना ली थी जिसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया सके.

वर्तमान में हम हाथ में जो घड़ी पहनते हैं वैसी पहली घड़ी फ़्राँसीसी गणितज्ञ और दार्शनिक ब्लेज़ पास्कल ने बनायी थी. ये वही ब्लेज़ पास्कल हैं जिन्हें कैलकुलेटर का आविष्कारक भी माना जाता है. लगभग 1650 के आसपास लोग घड़ी जेब में रखकर घूमते थे, ब्लेज़ पास्कल ने एक रस्सी से इस घड़ी को हथेली में बाँध लिया ताकि वो काम करते समय घड़ी देख सकें.

Blaise Pascal

(ब्लेज़ पास्कल)

ऐसा नहीं है कि भारत में समय देखने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है. दरअसल भारत में भी 5 जगहों पर जन्तर-मंतर का निर्माण भी कराया गया था ताकि इनकी मदद से सूरज की दिशा और उससे बनी परछाई के आधार पर समय का पता लगाया जा सके.

18 वीं शताब्दी की शुरुआत में, जयपुर के महाराजा जय सिंह द्वितीय ने जयपुर, नई दिल्ली,  उज्जैन, मथुरा और वाराणसी में कुल मिलाकर पांच जंतर मंतरों का निर्माण कराया था इन सभी का निर्माण 1724 और 1735 के बीच पूरा कराया गया था.

Jantar Mantar Delhi

(जन्तर मंतर, दिल्ली)

इस प्रकार ऊपर दिए गए विवरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि घड़ी का अविष्कार मानव इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है जिसने पूरी मानव जाति के जीवन को ही बदल दिया है और अब हम लोग घड़ी पर इतने निर्भर हो हए हैं कि यदि एक दिन हाथ में घड़ी बांधना भूल जायें तो लगता है कि जैसे शरीर का कोई अंग घर पर छोड़ आये हों.

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ओपन टूर्नामेंट – महत्वपूर्ण तथ्य

ओपन टूर्नामेंट – महत्वपूर्ण तथ्य
ओपन एरा की शुरुआत 1968 में हुई थी, जब ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट पेशेवर (professional) खिलाड़ियों को शौकीनों (amateurs) के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने के लिए सहमत हुए । 1968 में, फ्रेंच चैंपियनशिप ओपन होने वाला पहला ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट बना, जिसमे एमेच्योर और पेशेवरों को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी गई । पीट सम्प्रास, जिनके पास रोजर फेडरर से पहले ग्रैंड स्लैम के अधिकतम खिताब थे, ने कभी भी फ्रेंच ओपन खिताब नहीं जीता । मार्गरेट स्मिथ कोर्ट ने सबसे अधिक 24 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतें हैं (टेनिस के इतिहास में)।

जर्मनी के बोरिस बेकर एकल में विंबलडन जीतने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष खिलाड़ी थे। वह 17 साल के थे जब उन्होंने इसे 1985 में जीता था । फ्रेंच ओपन वास्तव में एक व्यक्ति के नाम पर रखा गया है – रोलैंड गैरोस। वह एक विश्व स्तरीय एविएटर (विमान चालक) और एक महान टेनिस खिलाड़ी थे । 1997 में, 16 वर्षीय मार्टिना हिंगिस विश्व की सबसे कम उम्र की नंबर 1 बनीं। विम्बलडन में महिला एकल विजेता के लिए प्रस्तुत ट्रॉफी को वीनस रोजवाटर डिश के रूप में जाना जाता है।. सभी चार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट और ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले को गोल्डन स्लैम विजेता माना जाता है । 1988 में स्टेफी ग्राफ गोल्डन स्लैम जीतने वाली पहली और एकमात्र टेनिस खिलाड़ी बनी ।

विश्व इतिहास के महत्वपूर्ण वर्ष

विश्व इतिहास के महत्वपूर्ण वर्ष
ईसा मसीह का जन्म 4 ईसा पूर्व ईसा मसीह की मृत्यु 29 ई. पैगंबर मोहम्मद का जन्म 570 मदीना के लिए मोहम्मद का उत्प्रवास, हिजरी युग की शुरुआत 622 पैगंबर मोहम्मद की मृत्यु 632 मैग्ना कार्टा, ईंगलैंड के राजा की शक्तियों को सीमित करने वाले पहले दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए 1215 काली मौत, यूरोप की सबसे विनाशकारी महामारी दस करोड़ से अधिक लोगों की मृत्यु 1348-50 इंग्लैंड और फ्रांस के बीच 100 साल का युद्ध 1337-1453 क्रिस्टोफर कोलंबस द्वारा नई दुनिया की खोज 1492 वास्को डा गामा द्वारा यूरोप से भारत तक समुद्री मार्ग की खोज 1497-98 इंग्लैंड द्वारा अपराजेय बेड़े के रूप में विख्यात स्पेनिश अरमादा की हार 1588 लंदन का ग्रेट प्लेग (महामारी), शहर में लगभग 10 लाख लोगों की मृत्यु 1665-66 लंदन की भीषण आग जिसमें शहर के लगभग 70000 घरों को नष्ट कर दिया 1666 (02-05 सितम्बर) 7 वर्षीय युद्ध जिसमें उस समय की महान शक्तियां शामिल थी 1757-1763 संयुक्त राज्य अमेरिका की आजादी की घोषणा 1776 फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत 1789 वाटरलू की लड़ाई जिसमें नेपोलियन पराजित 1815 कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स का कम्युनिस्ट मैंनिफेस्टो प्रकाशित 1848 चार्ल्स डार्विन का ‘ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पेसिज़’ प्रकाशित 1859 संयुक्त राज्य अमेरिका में 13 वें संशोधन द्वारा गुलामी की समाप्ती 1865 एथेंस में आयोजित पहले आधुनिक ओलंपिक खेल 1896 रॉबर्ट पीयरी उत्तरी ध्रुव पहुँचने वाले पहले मनुष्य बने

1909

रोआल्ड एमंडसन दक्षिण ध्रुव पहुँचने वाले पहले मनुष्य बने 1911 चीन गणराज्य स्थापित, टाइटैनिक का डूबना 1912 पहला विश्व युद्ध 1914-1918 रूस में ज़ार एकतंत्र को समाप्त करने के लिए रूसी क्रांति 1917 सोवियत संघ (सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ) अस्तित्व में आया 1922 महामंदी (ग्रेट डिप्रेशन) की शुरुआत 1929 दूसरा विश्व युद्ध 1939-1945 हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए गये 1945 स्पुतनिक -1 के प्रक्षेपण से अंतरिक्ष युग की शुरुआत 1957 चेरनोबिल आपदा 1986 वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार, जर्मनी का पुन: एकीकरण 1990 सोवियत संघ का विघटन 1991 दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की समाप्ति 1994 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 9/11 हमले 2001 हिंद महासागर में सुनामी 2004 फुकुशिमा दाइची परमाणु दुर्घटना 2011

1851 से 2013 तक भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण वर्ष

1851 कलकत्ता और डायमंड हार्बर के बीच भारत में पहली टेलीग्राफ लाइन की शुरुवात 1853 भारत में पहली ट्रेन मुंबई से थाणे तक 1857 भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम जिसे अंग्रेजों द्वारा सिपाही विद्रोह कहा जाता है 1881 भारत की पहली सम्पूर्ण एवं समकालिक जनगणना आयोजित की गई 1885 ए.ओ. ह्यूम, दादाभाई नौरोजी, दिनशा वाचा, वोमेश चंद्र बनर्जी और अन्य द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन 1905 लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन । स्वदेशी आंदोलन की शुरुवात 1909 भारतीय परिषद अधिनियम (मिंटो मॉर्ले सुधार) पारित जिससे प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी में एक सीमित वृद्धि की अनुमति 1911 किंग जॉर्ज पंचम का भारत आना, कलकत्ता से दिल्ली राजधानी का स्थानांतरण । भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन जन गण मन का पहली बार गाया जाना । बमरौली से इलाहाबाद भारत और विश्व में पहली हवाई डाक का आरंभ । 1919 भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा द्विशासन की शुरूआत, रोलेट एक्ट 1919 लागू, जलियांवाला बाग त्रासदी । 1920 खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन की शुरूआत । 1922 उत्तर प्रदेश में चौरी चौरा आक्रोश, असहयोग आंदोलन का निलंबन. 1928 साइमन कमीशन का भारत दौरा, लाला लाजपत राय की मृत्यु 1929 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वतंत्रता का संकल्प 1930 दांडी मार्च, नागरिक अवज्ञा आंदोलन का आरंभ. 1931 गांधी इरविन समझौता, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फाँसी 1935 भारत सरकार अधिनियम. 1942 भारत छोड़ो आंदोलन, आजाद हिंद फौज़ की संरचना 1943 क्रिप्स आयोग का भारत दौरा 1946 कैबिनेट मिशन का भारत दौरा 1947 स्वतंत्रता और भारत का विभाजन. 1948 महात्मा गांधी की हत्या, पाकिस्तान का पहला भारत आक्रमण 1950 भारत का गणराज्य बनना 1951 पहली पंचवर्षीय योजना और दिल्ली में पहले एशियाई खेल 1952 भारत में पहले आम चुनाव 1954 भारत और चीन द्वारा पंचशील हस्ताक्षरित 1956 भाषाई आधार पर भारतीय राज्यों के पुनर्गठन 1957 मुद्रा में दशमलव प्रणाली की शुरूआत 1959 नई दिल्ली में भारत की पहली टेलीविजन सेवा की शुरूआत 1961 पुर्तगाल से गोवा की मुक्ति 1962 चीन का भारत पर आक्रमण 1964 जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु 1965 भारत पाक युद्ध 1966 लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु 1969 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विभाजन और 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण । भारत के पहले परमाणु पावर स्टेशन तारापुर में वाणिज्यिक संचालन शुरू । 1971 भारत पाक युद्ध 1972 शिमला समझौते में भारत और पाकिस्तान द्वारा हस्ताक्षर । 1974 पोखरण (राजस्थान) में 18 मई को पहला परमाणु परीक्षण 1975 सबसे पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में भेजा गया तथा देश में आपातकाल की घोषणा । 1977 कांग्रेस ने केंद्र में पहली बार सत्ता खोई 1980 सत्ता में कांग्रेस की वापसी, छह और बैंकों का राष्ट्रीयकरण. 1982 रंगीन टेलीविजन का भारत में आना और दिल्ली में नौवीं एशियाई खेल आयोजित 1984 श्रीमती इंदिरा गांधी की मृत्यु 1991 राजीव गांधी की मृत्यु, भारत में आर्थिक उदारीकरण का प्रारंभ । 1992 बाबरी मस्जिद विध्वंस. 1995 इंटरनेट का भारत में प्रवेश । 1998 भारत में दूसरा परमाणु परीक्षण (ऑपरेशन शक्ति के कूटनाम से) 1999 पाकिस्तानी सैनिकों का कारगिल पर आक्रमण 2000 भारत की जनसंख्या 1 अरब पहुँची 2001 गुजरात में भुकम्प (जनवरी), भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला (दिसम्बर). 2002 गोधरा काण्ड 2004 हिंद महासागर में सुनामी 2008 चंद्रमा पर भारत का पहला अंतरिक्ष यान , चंद्रयान-1 भेजा गया 2013 मंगल ग्रह की ओर मार्स ऑर्बिटर मिशन, मंगलयान भेजा गया

प्राणीयों को समर्पित वर्ष के महत्वपूर्ण दिवस

जनवरी 20 पेंगुइन जागरूकता दिवस जनवरी 31 अंतरराष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस फ़रवरी 18 विश्व पैंगोलिन दिवस फ़रवरी 27 अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय भालू दिवस मार्च 3 विश्व वन्यजीव दिवस मार्च 20 विश्व गौरैया दिवस अप्रैल 14 डॉल्फिन दिवस अप्रैल 24 विश्व प्रयोगशाला पशु दिवस अप्रैल 25 विश्व पेंगुइन दिवस

मई के दूसरे शनिवार अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी पक्षी दिवस मई 15 अंतरराष्ट्रीय कंगारू देख-रेख जागरूकता दिवस मई 23 विश्व कछुआ दिवस जून 21 विश्व जिराफ दिवस जून 22 विश्व ऊंट दिवस जुलाई 29 अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस अगस्त 10 विश्व सिंह दिवस अगस्त 12 विश्व हाथी दिवस अगस्त 19 अंतर्राष्ट्रीय ऑरंगुटन दिवस सितंबर के तीसरे शनिवार अंतर्राष्ट्रीय लाल पांडा दिवस सितंबर 22 विश्व गैंडा दिवस अक्टूबर 23 अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस

दिसम्बर 4 अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस दिसम्बर 14 अंतर्राष्ट्रीय वानर दिवस